Loading...

अक्षोभ्य भैरव / Akshobhya Bhairav Mantra

हर तरक की परेशानी को दूर करने वाले अक्षोभ्य भैरव, भगवान शिव का एक शक्तिशाली और सौम्य स्वरूप हैं। उन्हें दस महाविद्याओं में से एक, तारा माता के भैरव माने जाते है। उनका नाम “अक्षोभ्य” का अर्थ है “जिसे कभी परेशान नहीं किया जा सकता”। वह भक्तों को आंतरिक शांति और संतुलन प्राप्त करने में मदद करते हैं।

अक्षोभ्य भैरव मंत्र:

  • || ॐ भ्रं अक्षोभ्याय रक्तप्रदाय नमः ||
  • मुहुर्तः शनिवार, ग्रहण, अमवास्या, अष्टमी तिथि, भैरव जयंती.

अक्षोभ्य भैरव मंत्र के लाभ:

  • भय, चिंता, और संकटों से मुक्ति।
  • मानसिक शांति और स्थिरता की प्राप्ति।
  • अज्ञानता और अधर्म से मुक्ति।
  • अधिकार और सामर्थ्य की प्राप्ति।
  • भैरव की कृपा और आशीर्वाद प्राप्ति।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

INR
USD
EUR
AUD
GBP
INR
USD
EUR
AUD
GBP