Loading...

Shailputri chalisa paath

दुख भौ दूर कर संकल्प शक्ति को बढाने वाली शैलपुत्री चालीसा का पाठ करने से शैलपुत्री देवी की कृपा प्राप्त होती है और भक्त को सुख, समृद्धि, शांति, और सम्पत्ति की प्राप्ति में मदद मिलती है। शैलपुत्री चालीसा के पाठ से दुर्गंध, दरिद्रता, रोग, दुःख, भय और संकटों का नाश होता है और भक्त को आने वाले समय में सुरक्षित रखती है। यह चालीसा भक्त को माँ शैलपुत्री के आशीर्वाद से पूर्ण कर्म सफलता और खुशियों से भरा जीवन प्रदान करती है


माता शैलपुत्री चालीसा

दोहा:

जय शैलपुत्री माँ, महारानी, त्रिभुवन में विख्यात जननी।

दुःख शोक नाशिनी देवी, भक्तन की रक्षा करो तुम माता जी॥

जय जय शैलपुत्री माता, जय जय जगदम्बा।

पाहन करो सबकी रक्षा, भक्तों को सुखदा॥

जय जय जय शैलपुत्री, भवानी जगदम्बा।

हिमालय की पुत्री हो, पार्वती नाम तुम्हारा॥

नंदी वाहन पर विराजो, त्रिशूल धारिणी हो।

सिंह पर चढ़कर घूमो, जग में तुम ही हो॥

कंकाल भूषण धारिणी, श्वान वाहन पर विराजमान।

त्रिशूल खप्पर हाथ में, वरदान मुद्रा अति सुखदाम॥

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

INR
USD
EUR
AUD
GBP
INR
USD
EUR
AUD
GBP