Tulsi Soil Ritual for Wealth: Remove Poverty with Uchchhishta Lakshmi

BOOK - 26-27 SEPT. 2026- DAKSHIN KALI SADHANA SHIVIR AT DIVYAYOGA ASHRAM (ONLINE/ OFFLINE)

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तुलसी की मिट्टी से उच्छिष्ट लक्ष्मी सिद्धि: दरिद्रता दूर करने का अद्भुत उपाय

Tulsi Soil Ritual हिंदू धर्म में तुलसी को पवित्र और दिव्य माना जाता है। तुलसी की मिट्टी का उपयोग धार्मिक और आध्यात्मिक साधनाओं में किया जाता है। “उच्छिष्ट लक्ष्मी सिद्धि” एक विशेष साधना है जिसमें तुलसी की मिट्टी का प्रयोग करके धन-समृद्धि प्राप्त की जा सकती है। इस साधना से दरिद्रता दूर होती है और घर में सुख-समृद्धि आती है।

लाभ (Benefits)

  1. धन प्राप्ति – इस साधना से लक्ष्मी जी की कृपा प्राप्त होती है।
  2. दरिद्रता दूर – गरीबी और आर्थिक तंगी से मुक्ति मिलती है।
  3. नकारात्मक ऊर्जा का नाश – तुलसी की मिट्टी से घर की नकारात्मकता दूर होती है।
  4. सुख-शांति – परिवार में खुशहाली और शांति आती है।
  5. कर्ज से मुक्ति – आर्थिक समस्याएं दूर होती हैं और कर्ज से छुटकारा मिलता है।
  6. व्यापार में वृद्धि – व्यवसाय में लाभ और प्रगति होती है।
  7. सौभाग्य वृद्धि – सौभाग्य और मंगल कार्यों में सफलता मिलती है।
  8. रोगों से मुक्ति – तुलसी की पवित्रता से स्वास्थ्य लाभ होता है।
  9. मानसिक शांति – चिंता और तनाव कम होता है।
  10. आध्यात्मिक उन्नति – इस साधना से आत्मिक शक्ति बढ़ती है।

विधि (Vidhi)

  1. शुभ मुहूर्त – शुक्ल पक्ष के गुरुवार या शुक्रवार को प्रातःकाल स्नान करके साधना करें।
  2. तुलसी की मिट्टी – तुलसी के पौधे के नीचे से शुद्ध मिट्टी लें और उसे गंगाजल से शुद्ध करें।
  3. मंत्र जप – इलायची मुंह में रखकर मंत्र जप करें:
    ॐ ऐं ह्रीं श्रीं सर्व कामना सिद्धये नमः (५४० बार यानी ५ माला ११ दिन तक.)
  4. प्रसाद चढ़ाएं – तुलसी की मिट्टी को लाल कपड़े में बांधकर पूजा स्थान पर रखें और मिष्ठान का भोग लगाएं।
  5. दान करें – साधना के बाद गरीबों को अन्न या वस्त्र दान करें।

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सामान्य प्रश्न

1. क्या यह साधना किसी भी दिन की जा सकती है?

इसे गुरुवार या शुक्रवार को करना अधिक फलदायी माना जाता है।

2. तुलसी की मिट्टी कहाँ से प्राप्त करें?

तुलसी के पौधे के नीचे से शुद्ध मिट्टी लें या किसी मंदिर से प्राप्त करें।

3. मंत्र जप कितनी बार करना चाहिए?

कम से कम 108 बार मंत्र जप करें।

4. क्या महिलाएं यह साधना कर सकती हैं?

हाँ, कोई भी भक्त इस साधना को कर सकता है।

5. इस साधना का कितने दिनों तक अभ्यास करना चाहिए?

११ दिनों तक नियमित रूप से करने से अच्छे परिणाम मिलते हैं।

6. क्या इस साधना में किसी गुरु की आवश्यकता है?

नहीं, इसे स्वयं भी किया जा सकता है, लेकिन सही विधि का पालन करें।

7. क्या इस साधना के लिए विशेष नियम हैं?

सात्विक भोजन करें और मन को शुद्ध रखें।

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