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Holika Mata Chowki Ritual To Remove Negative Energy

होलिका माता की चौकी- कैसे हटाएं जीवन की हर बाधा और नकारात्मक ऊर्जा

जीवन में बाधाएं अचानक नहीं आतीं। वे धीरे धीरे बनती हैं। कभी मन की कमजोरी से, कभी गलत निर्णय से, कभी नकारात्मक ऊर्जा से। जब व्यक्ति बार बार एक ही समस्या से जूझता है, तो उसे लगता है कि कोई अदृश्य रुकावट रास्ता रोक रही है।

ऐसी स्थिति में होलिका माता की चौकी एक प्रतीकात्मक और आध्यात्मिक माध्यम मानी गई है। यह केवल एक पूजा नहीं है, बल्कि भीतर की नकारात्मकता को स्वीकार कर उसे अग्नि के माध्यम से समाप्त करने का संकल्प है।

DivyayogAshram के अनुभव में होलिका माता की चौकी श्रद्धा और सही विधि से की जाए तो यह मन को हल्का करती है, निर्णय स्पष्ट करती है और जीवन में रुकी हुई ऊर्जा को फिर से प्रवाहित करती है।


होलिका का आध्यात्मिक अर्थ

माता को केवल एक कथा का पात्र मानना अधूरा दृष्टिकोण है। उनका प्रतीक है

  • अहंकार का अंत
  • नकारात्मक ऊर्जा का दहन
  • नए जीवन की शुरुआत

होलिका दहन की अग्नि केवल लकड़ी नहीं जलाती। वह व्यक्ति के भीतर की जड़ता, भय और असंतुलन को भी जलाने का संदेश देती है।

जब चौकी सही भाव से की जाती है, तब यह प्रक्रिया केवल बाहरी नहीं रहती, बल्कि आंतरिक परिवर्तन का माध्यम बन जाती है।


जीवन की बाधाएं क्यों बढ़ती हैं

कई बार व्यक्ति सोचता है कि बाधाएं केवल बाहरी कारणों से आती हैं। परंतु वास्तविकता इससे गहरी होती है।

मानसिक कारण

  • बार बार नकारात्मक सोचना
  • स्वयं को असहाय मान लेना
  • असफलता का डर

भावनात्मक कारण

  • ईर्ष्या
  • कटुता
  • पुराने विवाद

ऊर्जा असंतुलन

  • घर में लगातार तनाव
  • वातावरण में भारीपन
  • आत्मविश्वास की कमी

DivyayogAshram मानता है कि जब व्यक्ति इन कारणों को समझता है, तभी चौकी का प्रभाव गहराई से काम करता है।


होलिका माता की चौकी कब करें

उपयुक्त समय

  • फाल्गुन पूर्णिमा की संध्या
  • होलिका दहन से पहले या बाद
  • मंगलवार या शुक्रवार भी उपयुक्त माने जाते हैं

दिन का समय

  • संध्या काल
  • शांत वातावरण में

नियमित एक ही समय चुनना मन को स्थिर बनाता है।


आवश्यक तैयारी

चौकी केवल सामग्री से नहीं होती। भाव सबसे महत्वपूर्ण है।

पहले

  • मन को शांत करें
  • किसी के प्रति कटुता हो तो उसे छोड़ने का प्रयास करें
  • अपने दोष स्वीकार करें
  • स्पष्ट संकल्प लें कि जीवन में सुधार लाना है

DivyayogAshram के अनुसार बिना आत्मचिंतन के चौकी अधूरी मानी जाती है।


होलिका माता का मंत्र

यह मंत्र सरल और प्रभावी माना गया है।

मंत्र:
ॐ होलिकायै क्लीं नमः


मंत्र का अर्थ

  • चेतना का मूल स्वर
  • होलिकायै अग्नि शक्ति और शुद्धि का आह्वान
  • नमः समर्पण

इस मंत्र का अर्थ है अपने भीतर की नकारात्मकता को स्वीकार कर उसे अग्नि में समर्पित करना।


होलिका माता की चौकी की विधि

आवश्यक सामग्री

  • लाल या पीला कपड़ा
  • दीपक
  • रोली और अक्षत
  • गुड़ या मीठा प्रसाद
  • जल का पात्र

विधि

  1. स्वच्छ स्थान पर कपड़ा बिछाएं।
  2. दीपक जलाकर चौकी स्थापित करें।
  3. होलिका माता का स्मरण करें।
  4. मंत्र का 108 बार जप करें।
  5. अपनी बाधा को मन में स्पष्ट रूप से रखें।
  6. संकल्प लें कि नकारात्मकता छोड़ेंगे।
  7. अंत में प्रसाद अर्पित कर धन्यवाद दें।

पूरी प्रक्रिया लगभग 25 से 30 मिनट में पूर्ण हो जाती है।


चौकी के दौरान ध्यान रखने योग्य बातें

  • जल्दबाजी न करें
  • मन में क्रोध न रखें
  • केवल दूसरों को दोष न दें
  • स्वयं में सुधार का भाव रखें

यह साधना किसी के विरुद्ध नहीं, स्वयं के सुधार के लिए है।

BOOK HOLIKA PUJAN


होलिका माता की चौकी से मिलने वाले प्रमुख लाभ

1. मानसिक हल्कापन

मन का बोझ कम होता है।

2. नकारात्मक ऊर्जा में कमी

घर का वातावरण हल्का होता है।

3. आत्मविश्वास

भीतर से साहस आता है।

4. निर्णय स्पष्टता

सही दिशा दिखने लगती है।

5. विवाद में कमी

अनावश्यक झगड़े घटते हैं।

6. भय में कमी

भविष्य को लेकर डर कम होता है।

7. ऊर्जा संतुलन

थकान और भारीपन कम महसूस होता है।

8. धैर्य

जल्दबाजी कम होती है।

9. आत्मचिंतन

व्यक्ति स्वयं को समझने लगता है।

10. संबंध सुधार

परिवार में मधुरता बढ़ती है।

11. कार्य में प्रगति

रुके हुए काम धीरे धीरे बनने लगते हैं।

12. सकारात्मक सोच

मन आशावादी बनता है।

13. आध्यात्मिक जुड़ाव

भीतर शांति का अनुभव होता है।

14. संकल्प शक्ति

लक्ष्य पर टिके रहने की क्षमता बढ़ती है।

15. दीर्घकालिक संतुलन

जीवन में स्थिरता आती है।


नकारात्मक ऊर्जा का वास्तविक अर्थ

नकारात्मक ऊर्जा का अर्थ केवल किसी बाहरी शक्ति से नहीं है।
अक्सर यह हमारी सोच, भय और कटु अनुभवों से बनती है।

जब व्यक्ति उन्हें छोड़ने का निर्णय लेता है, तभी परिवर्तन शुरू होता है।

DivyayogAshram के अनुसार चौकी उसी निर्णय का प्रतीक है।


सामान्य शंकाएं

क्या यह चौकी सभी कर सकते हैं

हां, श्रद्धा और संयम के साथ कोई भी कर सकता है।

क्या तुरंत परिणाम मिलते हैं

परिणाम धीरे धीरे स्पष्ट होते हैं, पर स्थायी होते हैं।

क्या विशेष अनुष्ठान आवश्यक है

सरल विधि और सच्चा भाव पर्याप्त है।


एक गहरी समझ

होलिका माता की चौकी चमत्कार का माध्यम नहीं है।
यह आत्मशुद्धि और संतुलन का मार्ग है।

जब भीतर की जड़ता और कटुता सच में छोड़ी जाती है, तब जीवन की बाधाएं कमजोर पड़ने लगती हैं।


अंत मे

होलिका माता की चौकी जीवन की हर बाधा और नकारात्मक ऊर्जा को हटाने का एक सरल और गहरा माध्यम है। यह बाहरी अनुष्ठान से अधिक आंतरिक परिवर्तन का मार्ग है।

DivyayogAshram के अनुभव में जब यह चौकी श्रद्धा, आत्मचिंतन और स्पष्ट संकल्प के साथ की जाती है, तब जीवन में रुकी हुई ऊर्जा फिर से प्रवाहित होने लगती है और व्यक्ति धीरे धीरे संतुलन और प्रगति की ओर बढ़ता है।


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