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Mahagauri Chalisa paath

कष्टों से छुटकारा दिलाने वाली माता का महागौरी चालीसा का पाठ करने से निम्नलिखित लाभ होते हैं:

  1. प्रेम प्रणयः विवाहित जीवन या प्रेम के संबंध मे लाभ मिलता है।
  2. शांति और सुख: महागौरी चालीसा का पाठ करने से भक्त को शांति और सुख मिलता है।
  3. कष्टों का नाश: चालीसा का पाठ करने से भक्त के जीवन से कष्टों का नाश होता है।
  4. संतान सुख: माता महागौरी की कृपा से चालीसा का पाठ करने से संतान सुख मिलता है।
  5. रोग निवारण: चालीसा का पाठ करने से भक्त को रोगों से मुक्ति मिलती है।
  6. धन संपत्ति: महागौरी चालीसा का पाठ करने से भक्त को धन संपत्ति की प्राप्ति होती है।
  7. शत्रु नाश: चालीसा का पाठ करने से भक्त के शत्रुओं का नाश होता है।
  8. मानसिक शक्ति: चालीसा का पाठ करने से भक्त को मानसिक शक्ति मिलती है।
  9. सम्पन्नता: माता महागौरी की कृपा से चालीसा का पाठ करने से भक्त को सम्पन्नता मिलती है।
  10. कार्य सफलता: चालीसा का पाठ करने से भक्त के कार्यों में सफलता मिलती है।
  11. संतान सुख: महागौरी चालीसा का पाठ करने से भक्त को संतान सुख मिलता है।
  12. आध्यात्मिक उद्धार: चालीसा का पाठ करने से भक्त का आध्यात्मिक उद्धार होता है।
  13. कल्याण: माता महागौरी की कृपा से चालीसा का पाठ करने से भक्त को आत्मिक और भौतिक कल्याण मिलता है।

महागौरी चालीसा

जय महागौरी, जय जगदंबा!

दोहा

जय महागौरी, जय जगदंबा, जय त्रिपुर सुंदरी, जय भवानी। शिव शक्ति स्वरूपा हो, सर्व सुखों की दाता।

चौपाई

श्वेत वस्त्र धारण किए, गले में मोतियों की माला। चंद्रमा शीश पर सजाए, हाथ में कमल का फूल।।

दोहा

शांत स्वरूप हो तुम्हारा, दयालुता की खान। भक्तों की रक्षा करती हो, दुष्टों का नाश करती हो।।

चौपाई

ब्रह्मा, विष्णु और महेश, तुम्हारी पूजा करते हैं। देवता भी तुम्हारा गुणगान करते हैं, और तुम्हारी स्तुति करते हैं।।

दोहा

माँ महागौरी की जय हो, जय जय जय जगदंबा। भक्तों की रक्षा करो, दुखों का नाश करो।।

चौपाई

जो कोई तुम्हारी स्तुति करता है, उसके सभी दुख दूर होते हैं। मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं, और उसे सुख-शांति मिलती है।।

दोहा

माँ महागौरी की जय हो, जय जय जय जगदंबा। भक्तों की रक्षा करो, दुखों का नाश करो।।

चौपाई

आरती

जय तेरी हो महागौरी, माँ तू जग की पालनहार। दुष्टों का नाश करो देवी, भक्तों की रक्षा करो।।

श्वेत कमल पर विराजमान हो, हाथ में त्रिशूल और डमरू। गौरी शंकर स्वरूपा हो, तुम्हारी जय जयकार हो।।

दोहा

माँ महागौरी की जय हो, जय जय जय जगदंबा। भक्तों की रक्षा करो, दुखों का नाश करो।।

चौपाई

चालीसा समाप्त

इति महागौरी चालीसा समाप्त

नोट:

  • इस चालीसा किसी भी अष्टमी या नवरात्रि मे किया जाता है।
  • नवरात्रि के आठवें दिन माँ महागौरी की पूजा की जाती है।
  • इस चालीसा का पाठ करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और दुखों से छुटकारा मिलता है।

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