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Worship 9 Goddesses in Navratri for a Successful Life

नवरात्रि स्पेशल 9 देवी 9 रास्ते आपके जीवन की परेशानियों से छुटकारे के

Worship 9 Goddesses – नवरात्रि शक्ति की उपासना का पावन पर्व है। इन नौ दिनों में देवी दुर्गा के नौ रूपों की आराधना की जाती है। हर देवी का एक विशेष स्वरूप, मंत्र और साधना विधि होती है। नवरात्रि में उपवास, पूजा और हवन से सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है। यह समय आध्यात्मिक उन्नति और मनोकामना पूर्ति के लिए सर्वोत्तम माना जाता है।

नौ देवियों की पूजा से जीवन की हर समस्या का समाधान संभव है। प्रत्येक देवी किसी न किसी जीवन समस्या से मुक्ति का प्रतीक है। सही विधि और नियमों का पालन करने से विशेष कृपा प्राप्त होती है। नवरात्रि का महत्व केवल धार्मिक ही नहीं, बल्कि मानसिक और शारीरिक शुद्धि के लिए भी अत्यधिक महत्वपूर्ण है।


9 देवी और उनके विशेष मार्ग जीवन की परेशानियों से मुक्ति के

माता शैलपुत्री स्थिरता और आत्मविश्वास प्रदान करने वाली देवी

माता शैलपुत्री पर्वतराज हिमालय की पुत्री हैं। इनकी पूजा से आत्मविश्वास और मन की स्थिरता प्राप्त होती है। यदि जीवन में अस्थिरता और मानसिक तनाव बना रहता है, तो माता शैलपुत्री की आराधना करनी चाहिए।

मंत्र और साधना विधि

🔸 ओम देवी शैलपुत्र्यै नमः मंत्र का जाप करें।
🔸 सफेद वस्त्र धारण करें और दूध से बनी मिठाई का भोग लगाएं।

जीवन में लाभ
  • आत्मविश्वास में वृद्धि होती है।
  • मनोबल मजबूत होता है।
  • मानसिक तनाव और भय से मुक्ति मिलती है।

माता ब्रह्मचारिणी संयम और धैर्य की शक्ति देने वाली देवी

माता ब्रह्मचारिणी की उपासना से धैर्य और संयम बढ़ता है। जो लोग जीवन में बार-बार असफल हो रहे हैं, उन्हें इनकी आराधना अवश्य करनी चाहिए।

मंत्र और साधना विधि

🔸 ओम देवी ब्रह्मचारिण्यै नमः मंत्र का जाप करें।
🔸 फल, मिश्री और पंचामृत का भोग लगाएं।

जीवन में लाभ
  • निर्णय लेने की क्षमता बढ़ती है।
  • पढ़ाई और करियर में सफलता मिलती है।
  • मानसिक शांति प्राप्त होती है।

माता चंद्रघंटा – नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने वाली देवी

माता चंद्रघंटा की कृपा से नकारात्मक ऊर्जा नष्ट होती है। इनकी पूजा से भय, तनाव और मानसिक परेशानियों से राहत मिलती है।

मंत्र और साधना विधि

🔸 ओम देवी चंद्रघंटायै नमः मंत्र का जाप करें।
🔸 सुगंधित पुष्प और दूध अर्पित करें।

जीवन में लाभ
  • आत्मरक्षा की शक्ति मिलती है।
  • मानसिक शांति प्राप्त होती है।
  • नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है।

माता कूष्मांडा – आरोग्य और सकारात्मक ऊर्जा देने वाली देवी

माता कूष्मांडा ब्रह्मांड की सृजनकर्ता मानी जाती हैं। इनकी उपासना से रोग, कष्ट और मानसिक अवसाद दूर होते हैं।

मंत्र और साधना विधि

🔸 ओम देवी कूष्मांडायै नमः मंत्र का जाप करें।
🔸 मिष्ठान्न और कुम्हड़ा (कद्दू) का भोग अर्पित करें।

जीवन में लाभ
  • रोगों से मुक्ति मिलती है।
  • सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है।
  • मानसिक और शारीरिक बल प्राप्त होता है।

माता स्कंदमाता परिवारिक सुख-शांति और संतान प्राप्ति की देवी

माता स्कंदमाता की कृपा से संतान सुख और पारिवारिक शांति प्राप्त होती है। जिन लोगों को संतान प्राप्ति में बाधा आ रही हो, उन्हें इनकी पूजा करनी चाहिए।

मंत्र और साधना विधि

🔸 ओम देवी स्कंदमातायै नमः मंत्र का जाप करें।
🔸 पीले फूल और केले का भोग अर्पित करें।

जीवन में लाभ
  • संतान सुख प्राप्त होता है।
  • पारिवारिक जीवन सुखमय होता है।
  • ग्रह दोषों से मुक्ति मिलती है।

माता कात्यायनी – वैवाहिक जीवन की समस्याओं को दूर करने वाली देवी

माता कात्यायनी की उपासना से विवाह में आ रही अड़चनें दूर होती हैं। वैवाहिक जीवन में प्रेम और सामंजस्य बढ़ाने के लिए इनकी पूजा करें।

मंत्र और साधना विधि

🔸 ओम देवी कात्यायन्यै नमः मंत्र का जाप करें।
🔸 शहद और लाल पुष्प अर्पित करें।

जीवन में लाभ
  • विवाह में आ रही बाधाएं दूर होती हैं।
  • दांपत्य जीवन सुखमय बनता है।
  • प्रेम संबंधों में मजबूती आती है।

माता कालरात्रि – भय और शत्रुओं का नाश करने वाली देवी

माता कालरात्रि की पूजा से शत्रुओं का नाश होता है। किसी भी प्रकार की बुरी शक्ति से रक्षा के लिए इनकी आराधना करनी चाहिए।

मंत्र और साधना विधि

🔸 ओम देवी कालरात्र्यै नमः मंत्र का जाप करें।
🔸 गुड़ और लौंग अर्पित करें।

जीवन में लाभ
  • भय और शत्रु बाधा से मुक्ति मिलती है।
  • आध्यात्मिक शक्ति प्राप्त होती है।
  • बुरी शक्तियों से सुरक्षा मिलती है।

माता महागौरी – आर्थिक समस्याओं से छुटकारा दिलाने वाली देवी

माता महागौरी की कृपा से धन-वैभव की प्राप्ति होती है। आर्थिक संकट से बचने के लिए इनकी पूजा करनी चाहिए।

मंत्र और साधना विधि

🔸 ओम देवी महागौर्यै नमः मंत्र का जाप करें।
🔸 सफेद फूल और नारियल अर्पित करें।

जीवन में लाभ
  • आर्थिक कष्टों से मुक्ति मिलती है।
  • जीवन में समृद्धि आती है।
  • मानसिक शांति प्राप्त होती है।

माता सिद्धिदात्री – मनोकामना पूर्ण करने वाली देवी

माता सिद्धिदात्री सभी सिद्धियों की देवी हैं। इनकी पूजा से इच्छित फल की प्राप्ति होती है।

मंत्र और साधना विधि

🔸 ओम देवी सिद्धिदात्र्यै नमः मंत्र का जाप करें।
🔸 कमल पुष्प और चने का भोग अर्पित करें।

जीवन में लाभ
  • मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
  • आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त होती है।
  • जीवन में सुख-समृद्धि आती है।

प्रमुख लाभ जो नवरात्रि में देवी उपासना से प्राप्त होते हैं

  1. नकारात्मक ऊर्जाओं से सुरक्षा
  2. आत्मविश्वास और साहस में वृद्धि
  3. धन-समृद्धि में वृद्धि
  4. पारिवारिक कलह से मुक्ति
  5. मानसिक शांति प्राप्ति
  6. स्वास्थ्य में सुधार
  7. शिक्षा और करियर में उन्नति
  8. आध्यात्मिक उन्नति
  9. वैवाहिक जीवन में सुख-शांति
  10. ग्रह दोषों से मुक्ति
  11. कर्ज और आर्थिक संकट से राहत
  12. शत्रु बाधा से रक्षा
  13. संतान प्राप्ति में सफलता
  14. आध्यात्मिक ज्ञान की प्राप्ति
  15. इच्छाओं की पूर्ति

नवरात्रि में पूजा के नियम और सावधानियां

  • नवरात्रि में ब्रह्मचर्य का पालन करें
  • सात्विक भोजन करें
  • सूर्योदय से पहले स्नान करें और देवी का ध्यान करें
  • लाल या पीले वस्त्र धारण करें
  • हवन और मंत्र जाप करें
  • किसी की निंदा या अपमान न करें
  • व्रत का पूर्ण विधि-विधान से पालन करें

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नवरात्रि पूजन का शुभ मुहूर्त

नवरात्रि का आरंभ और समापन विशेष तिथियों पर होता है। शुभ मुहूर्त में पूजा करने से देवी की कृपा शीघ्र प्राप्त होती है। प्रत्येक दिन का विशेष समय पूजा के लिए श्रेष्ठ होता है।

  • घट स्थापना का शुभ मुहूर्त
  • दुर्गा अष्टमी का विशेष समय
  • नवमी पूजन का महत्व

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नवरात्रि पूजन की संपूर्ण विधि

कलश स्थापना और प्रथम दिन की पूजा

मिट्टी के कलश में जौ बोकर जल स्थापित करें। माता शैलपुत्री की आराधना करें।

नौ दिनों की विशेष साधना

प्रत्येक दिन देवी के एक विशेष रूप की पूजा करें। मंत्र जाप और हवन करें।

कन्या पूजन और विसर्जन

अष्टमी या नवमी को कन्या पूजन करें। देवी का आशीर्वाद प्राप्त करें।

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नवरात्रि से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्न और उनके उत्तर

1. क्या नवरात्रि में उपवास रखना अनिवार्य है

नहीं, यह व्यक्तिगत आस्था पर निर्भर करता है। उपवास से शरीर और मन शुद्ध होते हैं।

2. नवरात्रि में कौन से रंग के वस्त्र पहनने चाहिए

लाल, पीले, नारंगी और सफेद रंग के वस्त्र शुभ माने जाते हैं।

3. नवरात्रि में हवन क्यों किया जाता है

हवन से वातावरण शुद्ध होता है और सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है।

4. नवरात्रि में कौन से भोग अर्पित करने चाहिए

प्रतिदिन देवी के अनुसार विशेष भोग चढ़ाना शुभ माना जाता है।

5. क्या नवरात्रि में बाल कटवाना अशुभ होता है

जी हां, नवरात्रि में बाल कटवाना और नाखून काटना वर्जित माना जाता है।

6. नवरात्रि में क्या मांसाहार खाना चाहिए

नहीं, इस दौरान सात्विक भोजन का पालन करना चाहिए।

7. क्या नवरात्रि में देवी का अभिषेक किया जा सकता है

हां, गंगाजल और दूध से अभिषेक करना अत्यंत शुभ माना जाता है।

8. नवरात्रि में रात्रि जागरण क्यों किया जाता है

रात्रि जागरण से आध्यात्मिक शक्ति बढ़ती है और देवी कृपा शीघ्र प्राप्त होती है।


अंत में

नवरात्रि का पर्व देवी शक्ति की साधना और आत्मशुद्धि का श्रेष्ठ समय है। देवी की कृपा से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि प्राप्त होती है। सच्चे मन से उपासना करने पर सभी समस्याओं से मुक्ति मिलती है। नियमों का पालन कर, सही विधि से पूजा करने से शुभ फल शीघ्र प्राप्त होते हैं।

BOOK (06 APRIL 2025) RAM NAVAMI MAHA PUJAN SHIVIR AT DIVYAYOGA ASHRAM (ONLINE/ OFFLINE)

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