गुप्त साधना: जिसने 40 दिन में गरीबी हमेशा के लिए खत्म कर दी
Erase Lifelong Financial Struggles कभी-कभी जीवन में ऐसा समय आता है जब मेहनत बहुत होती है, पर धन नहीं टिकता। अवसर आते हैं, पर निकल जाते हैं। यह केवल कर्म का नहीं, बल्कि ऊर्जा के असंतुलन का परिणाम होता है। DivyayogAshram के अनुभवी साधकों के अनुसार, कुछ विशेष गुप्त साधनाएँ ऐसी होती हैं जो जीवन के इस असंतुलन को मिटाकर धन प्रवाह को स्थायी बना देती हैं।
यह वही साधना है जिसने अनेक साधकों की गरीबी, ऋण और आर्थिक असुरक्षा को केवल 40 दिनों में समाप्त कर दिया। यह साधना देवी लक्ष्मी और कुबेर की संयुक्त कृपा प्राप्त कराने वाला एक प्राचीन तंत्र प्रयोग है, जिसे “गुप्त धन साधना” कहा जाता है।
यह साधना किसी दिखावे या आडंबर की नहीं, बल्कि मौन, एकांत और श्रद्धा की साधना है। इसका प्रभाव धीरे-धीरे मन, विचार और परिवेश को बदलता है, जिससे धन आकर्षण की तरंगें स्वतः ही सक्रिय हो जाती हैं।
गुप्त धन साधना मंत्र और विधि (Mantra and Vidhi)
मंत्र:
“ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं श्री सिद्ध लक्ष्म्यै नमः॥”
विधि:
- साधना की शुरुआत शुक्ल पक्ष के शुक्रवार या दिवाली की रात्रि से करें।
- स्नान कर शुद्ध लाल या पीले वस्त्र पहनें।
- एकांत स्थान चुनें जहाँ 40 दिन तक कोई बाधा न हो।
- पूजा स्थल पर लाल वस्त्र बिछाएँ और उस पर श्री यंत्र या लक्ष्मी यंत्र रखें।
- दीपक में गाय का घी जलाएँ और हल्दी-कुमकुम से तिलक करें।
- देवी लक्ष्मी का ध्यान करें और ऊपर दिए गए मंत्र का 108 बार जप करें।
- जप के बाद, दोनों हाथ जोड़कर यह संकल्प लें —
“माँ लक्ष्मी, मेरे जीवन से दरिद्रता और अभाव सदा के लिए मिट जाए।” - साधना पूर्ण होने के बाद दीपक को स्वयं न बुझाएँ।
विशेष सामग्री:
- लाल रेशमी वस्त्र
- श्री यंत्र या लक्ष्मी यंत्र
- घी का दीपक
- चावल, गुलाब पुष्प, हल्दी, कौड़ी
- एक छोटा चांदी का सिक्का
शुभ मुहूर्त (Muhurat)
साधना आरंभ का सर्वोत्तम समय:
🕙 रात्रि 11:00 बजे से 12:15 बजे तक (अमावस्या या शुक्रवार रात्रि)
यह काल “महालक्ष्मी योग” कहलाता है और धन साधना के लिए सर्वोत्तम माना गया है।
यदि शुक्रवार संभव न हो तो सोमवार या बुधवार की रात्रि भी अनुकूल रहती है।
नियम (Niyam)
- साधना 40 दिनों तक निरंतर करें, किसी दिन विराम न लें।
- प्रतिदिन स्नान कर शुद्ध वस्त्र पहनें।
- साधना स्थल को स्थायी रखें — स्थान बदलना अशुभ है।
- साधना के दौरान किसी से झगड़ा, वाद-विवाद या अपशब्द न बोलें।
- भोजन सात्त्विक रखें — प्याज, लहसुन, मांस, शराब का निषेध है।
- साधना के अंत में एक बार “ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं नमः” का 11 बार जप करें।
- साधना पूर्ण होने के बाद यंत्र को तिजोरी या उत्तर दिशा में रखें।
साधना के लाभ (Benefits)
- गरीबी, ऋण और आर्थिक संकट से मुक्ति।
- घर में धन का स्थायी प्रवाह।
- व्यापार या नौकरी में अप्रत्याशित उन्नति।
- मानसिक शांति और आत्मविश्वास की वृद्धि।
- आर्थिक निर्णयों में स्पष्टता और साहस।
- धन कमाने के नए अवसर खुलते हैं।
- परिवार में समृद्धि और सौभाग्य का वातावरण।
- देवी लक्ष्मी की स्थिर कृपा प्राप्त होती है।
सावधानियाँ (Precautions)
- साधना को केवल श्रद्धा से करें, लालच से नहीं।
- किसी को साधना की जानकारी न दें।
- मंत्र का उच्चारण शुद्ध और स्पष्ट करें।
- साधना स्थल पर नकारात्मक वस्तु या शोर न हो।
- साधना के दौरान दीपक न बुझे — इसे शुद्धता का प्रतीक मानें।
- साधना पूरी होने पर एक दिन का मौन व्रत रखें।
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प्रश्नोत्तर
प्रश्न 1: क्या यह साधना हर व्यक्ति कर सकता है?
उत्तर: हाँ, गृहस्थ, विद्यार्थी या व्यापारी — कोई भी व्यक्ति श्रद्धा से कर सकता है।
प्रश्न 2: क्या महिलाएँ यह साधना कर सकती हैं?
उत्तर: हाँ, देवी लक्ष्मी गृहलक्ष्मी रूप में स्त्रियों से विशेष प्रसन्न होती हैं।
प्रश्न 3: क्या साधना पंडित की देखरेख में करनी चाहिए?
उत्तर: नहीं, यह व्यक्तिगत साधना है। केवल शुद्ध मन और श्रद्धा आवश्यक है।
प्रश्न 4: क्या यह साधना गरीब या किराये के घर में भी की जा सकती है?
उत्तर: हाँ, देवी लक्ष्मी भाव में बसती हैं, स्थान में नहीं।
प्रश्न 5: क्या मंत्र बदलना चाहिए?
उत्तर: नहीं, पूरे 40 दिनों तक एक ही मंत्र का जप करें।
प्रश्न 6: कब परिणाम मिलना शुरू होते हैं?
उत्तर: साधना के 21वें दिन से प्रभाव दिखने लगता है और 40वें दिन तक पूर्ण फल प्राप्त होता है।
प्रश्न 7: क्या साधना के बाद दान आवश्यक है?
उत्तर: हाँ, धन प्रवाह को स्थिर रखने के लिए किसी गरीब को भोजन या वस्त्र दान करें।
अंत मे
धन की कमी केवल अभाव का प्रतीक नहीं, बल्कि ऊर्जा की रुकावट का संकेत है। जब मन, भावना और साधना एक दिशा में प्रवाहित होते हैं, तो देवी लक्ष्मी स्वयं आकर्षित होती हैं।
DivyayogAshram का संदेश सरल है —
“जिसने स्वयं को साध लिया, उसके लिए धन अपने आप साध्य हो जाता है।”
यदि आप सच्ची श्रद्धा से इस 40 दिन की गुप्त साधना को करें, तो गरीबी, ऋण और आर्थिक चिंता आपके जीवन से सदा के लिए मिट सकती है।
यह साधना केवल धन नहीं देती, बल्कि स्थिरता, शांति और आत्मविश्वास भी प्रदान करती है।








