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Shani chalisa paath

शनि चालीसा

दरिद्रता को मिटामे वाले शनि चालीसा का पाठ करने से निम्नलिखित लाभ होते हैं:

  1. शनि ग्रह की कृपा और आशीर्वाद प्राप्ति।
  2. अच्छे स्वास्थ्य और रोगों से मुक्ति।
  3. भूतपिशाच, अविश्वास, और अन्य नकारात्मक शक्तियों से सुरक्षा।
  4. आर्थिक स्थिरता और समृद्धि।
  5. व्यापार में उन्नति और सफलता।
  6. शनि दोषों के निवारण और दूरभाग्य का निवारण।
  7. सम्पत्ति का वृद्धि और धन की प्राप्ति।
  8. उच्च शिक्षा और ज्ञान की प्राप्ति।
  9. प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षा और रक्षा।
  10. परिवार में शांति और समृद्धि की प्राप्ति।
  11. मानसिक शांति और सुख-शांति की प्राप्ति।

४० दिन तक लगातार शनि चालीसा का पाठ करने से मनोकामना पूर्ण होती है.

शनि चालीसा भगवान शनि देव की महिमा, गुण, और कृपाओं का गान करती है। यह चालीसा शनि देव की कृपा और आशीर्वाद को प्राप्त करने के लिए पाठ की जाती है। शनि चालीसा के पाठ से भक्त को शनि देव की कृपा, सुरक्षा, और आशीर्वाद मिलते हैं।

॥ शनि चालीसा ॥

जय गणेश गिरिजा सुवन, मंगल करण कृपाल।
दीनन के दुःख दूर करि, कीजै नाथ निहाल॥

जय जय श्री शनिदेव प्रभु, सुनहु विनय महाराज।
करहु कृपा हे भरतहरि, देहु अबहीष्ट राज॥

जय जय श्री शनिदेव भक्तन हितकारी।
सुरथा नाथ के दुःख टारी, जग के पालनहारी॥

जय जय श्री शनिदेव, कृपा करो महाराज।
दीनन के दुःख दूर करहु, जग के पालनहारी॥

शनिचर कृपा करहु राखहु जन की लाज।
हो रहिहै तुम मेरे सुनहु महाराज॥

तुम्हारे भजन शनिदेव, मंगल भवन सुहावै।
शनि देव कृपा करहु, रवि को वश में लावै॥

कीन्ह तोही प्रेम भक्ति भावना, धरहिं महाराज।
हरषित राखो सब जग को, भव सागर तारणहारी॥

तुम्हारे भजन शनिदेव, मंगल मूरति राजन्।
मंगल लागे सकल जग को, ज्ञान विग्न नाशन॥

शनिदेव शनिदेव जय, जय शनिदेव।
किया करै कृपा अधिकार, दीन दुःख भंजन देव॥

दोहा:
नित्य शनि ग्रह जप ध्यान, करहु कल्याण कृपा निधान।
भव रोग निवारण, जय जय शनिदेव करहु कल्याण॥

चालीसा पाठ करने से पूजने के बाद भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं और उन्हें अच्छे स्वास्थ्य, धन संपत्ति, और भव्य जीवन की प्राप्ति होती है।

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