Shri rama tarak mantra for wealth & success

श्री राम तारक मंत्र साधना

ये मंत्र साधना, हिंदू धर्म में एक महत्वपूर्ण साधना मानी जाती है, जो भगवान राम के प्रति श्रद्धा और भक्ति को प्रकट करने के लिए की जाती है। यह साधना विशेष रूप से जीवन की कठिनाइयों को दूर करने और आत्मिक शांति प्राप्त करने के लिए की जाती है।

राम तारक मंत्र

राम तारक मंत्र इस प्रकार है:
“ॐ रीं रामाय नमः”

साधना की विधि

1. साधना का समय और स्थान

  • समय: ब्रह्ममुहूर्त (सुबह 4 से 6 बजे) या संध्या समय (शाम 6 से 8 बजे) सबसे उपयुक्त माना जाता है।
  • स्थान: शांत और स्वच्छ स्थान चुनें। साधना के लिए पूजा स्थल को तैयार करें।

2. तैयारी

  • स्नान: सबसे पहले, स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
  • आसन: एक स्वच्छ आसन पर बैठें। पीले या सफेद वस्त्र पहनना शुभ माना जाता है।

3. पूजा स्थल की तैयारी

  • भगवान राम की प्रतिमा या चित्र: पूजा स्थल पर भगवान राम की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें।
  • दीप और धूप: दीपक जलाएं और धूप या अगरबत्ती लगाएं।
  • पुष्प और नैवेद्य: भगवान राम को पुष्प, फल, मिठाई आदि अर्पित करें।

4. मंत्र जाप की विधि

  • मंत्र का उच्चारण: “ॐ रामाय नमः” मंत्र का जाप करें।
  • माला का उपयोग: 108 मनकों की माला का उपयोग करके मंत्र का जाप करें। कम से कम एक माला (108 बार) मंत्र का जाप करें। जाप संख्या को धीरे-धीरे बढ़ाया जा सकता है।
  • ध्यान: मंत्र जाप के बाद कुछ समय भगवान राम के ध्यान में बिताएं। उनकी लीलाओं और गुणों का स्मरण करें।

5. आरती और प्रार्थना

  • आरती: मंत्र जाप और ध्यान के बाद भगवान राम की आरती करें।
  • प्रार्थना: भगवान राम से अपनी इच्छाओं और समस्याओं के निवारण की प्रार्थना करें।

साधना के लाभ

  1. आध्यात्मिक शांति: राम तारक मंत्र साधना से मन को शांति और स्थिरता प्राप्त होती है।
  2. कष्टों का निवारण: जीवन की समस्याएं और कष्ट दूर होते हैं।
  3. आध्यात्मिक उन्नति: साधक की आत्मिक उन्नति होती है और भगवान राम की कृपा प्राप्त होती है।
  4. सकारात्मक ऊर्जा: साधना से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और नकारात्मक शक्तियों का नाश होता है।
  5. सफलता और समृद्धि: साधना करने से जीवन में सफलता और समृद्धि प्राप्त होती है।

यहाँ राम तारक मंत्र साधना के बारे में सामान्यतः पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ) और उनके उत्तर दिए गए हैं:

FAQ: श्रीं राम तारक मंत्र साधना

प्रश्न 1: राम तारक मंत्र क्या है?
उत्तर: राम तारक मंत्र “ॐ रामाय नमः” है। यह मंत्र भगवान राम को समर्पित है और इसका जाप करने से भक्त को शांति, सुख, और समृद्धि प्राप्त होती है।

प्रश्न 2: राम तारक मंत्र साधना का समय क्या है?
उत्तर: राम तारक मंत्र साधना के लिए सबसे उपयुक्त समय ब्रह्ममुहूर्त (सुबह 4 से 6 बजे) या संध्या समय (शाम 6 से 8 बजे) होता है। इन समयों में वातावरण शांत और पवित्र होता है, जिससे साधना का प्रभाव अधिक होता है।

प्रश्न 3: राम तारक मंत्र साधना के लाभ क्या हैं?
उत्तर: राम तारक मंत्र साधना से मानसिक शांति, आत्मिक उन्नति, जीवन की समस्याओं का निवारण, सकारात्मक ऊर्जा का संचार, और सफलता तथा समृद्धि प्राप्त होती है।

प्रश्न 4: साधना के दौरान कौन से आसन का उपयोग करना चाहिए?
उत्तर: साधना के लिए पद्मासन, सुखासन, या वज्रासन का उपयोग किया जा सकता है। यह सुनिश्चित करें कि आसन स्वच्छ और आरामदायक हो।

प्रश्न 5: राम तारक मंत्र साधना के लिए माला का उपयोग कैसे करें?
उत्तर: 108 मनकों की माला का उपयोग करें। माला को दाएं हाथ की उंगलियों से पकड़ें और हर मनके पर मंत्र “ॐ रामाय नमः” का जाप करें। माला के सिरों को पार न करें, माला को उलटा घुमाकर पुनः जाप करें।

प्रश्न 6: क्या मंत्र जाप के लिए विशेष दिशा का महत्व है?
उत्तर: हां, मंत्र जाप के लिए पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके बैठना शुभ माना जाता है। यह दिशाएँ सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करती हैं।

प्रश्न 7: मंत्र जाप के बाद ध्यान कैसे करें?
उत्तर: मंत्र जाप के बाद कुछ समय भगवान राम के ध्यान में बिताएं। उनकी लीलाओं और गुणों का स्मरण करें। ध्यान के दौरान भगवान राम की छवि को अपने मन में स्थापित करें और उनके प्रति श्रद्धा प्रकट करें।

प्रश्न 8: क्या साधना के लिए कोई विशेष तिथि या दिन होता है?
उत्तर: साधना किसी भी दिन की जा सकती है, लेकिन राम नवमी, एकादशी, और पूर्णिमा के दिन विशेष रूप से शुभ माने जाते हैं। इन दिनों में साधना करने से विशेष लाभ प्राप्त होता है।

प्रश्न 9: क्या साधना के दौरान किसी विशेष नियम का पालन करना चाहिए?
उत्तर: हां, साधना के दौरान स्वच्छता, ब्रह्मचर्य, और सत्य का पालन करना चाहिए। इसके अलावा, साधना के समय ध्यान और मन की एकाग्रता बनाए रखना महत्वपूर्ण है।

प्रश्न 10: क्या साधना के बाद कोई विशेष आरती या प्रार्थना की जाती है?
उत्तर: हां, साधना के बाद भगवान राम की आरती करें और उनसे अपनी इच्छाओं और समस्याओं के निवारण की प्रार्थना करें। राम स्तुति या राम चालीसा का पाठ भी किया जा सकता है।


अंत में

राम तारक मंत्र साधना अत्यंत शक्तिशाली और फलदायी है। नियमित रूप से इस साधना को करने से साधक भगवान राम की कृपा प्राप्त करता है और जीवन में शांति, सुख, और समृद्धि का अनुभव करता है।

जय श्री राम!