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Vaishnav Devi Shakti Peeth for Wishes

वैष्णो देवी शक्तिपीठ: देवी महिमा और अद्वितीय शक्ति

वैष्णो देवी शक्तिपीठ हिंदू धर्म के सबसे पवित्र और प्रमुख शक्तिपीठों में से एक है। इसे माता वैष्णो देवी का पवित्र निवास माना जाता है, जहाँ देवी तीन स्वरूपों में विराजमान हैं। यहाँ आने वाले भक्तों की हर मनोकामना पूरी होती है और यह स्थान आस्था और श्रद्धा का प्रतीक है। वैष्णो देवी का यह पवित्र धाम हर साल लाखों श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करता है।

देवी महिमा

वैष्णो देवी शक्तिपीठ की महिमा अद्वितीय है। यह मान्यता है कि माता वैष्णो देवी, त्रिकुट पर्वत पर विराजमान हैं और यहाँ माँ महाकाली, महालक्ष्मी और महासरस्वती के स्वरूपों में भक्तों को दर्शन देती हैं। जो भी भक्त सच्चे मन से यहाँ माता की अराधना करता है, उसे समस्त दुखों से मुक्ति मिलती है। माँ वैष्णो देवी की कृपा से भक्तों को असीम सुख-शांति प्राप्त होती है।

वैष्णो देवी मंदिर की पौराणिक कथा

वैष्णो देवी मंदिर की पौराणिक कथा बेहद प्राचीन और अद्भुत है। ऐसा कहा जाता है कि माता वैष्णो देवी, भगवान विष्णु की आराधना में लीन थीं। उनका जन्म त्रेतायुग में हुआ था। देवी का जन्म एक धार्मिक ब्राह्मण परिवार में हुआ था, जहाँ उनका नाम त्रिकुटा रखा गया। लेकिन उन्हें बाद में वैष्णवी के नाम से भी जाना गया। छोटी उम्र से ही वे भगवान विष्णु की परम भक्त थीं और संसार को पापों से मुक्त करने का प्रण लिया। उन्होंने कठोर तपस्या की और अधर्म का नाश करने की शक्ति प्राप्त की।

कहते हैं कि जब महादैत्य रावण ने पृथ्वी पर अत्याचार करना शुरू किया, तब माँ वैष्णो देवी ने उस समय के महान योद्धा राम की सहायता करने का निर्णय लिया। राम को देखते ही देवी ने विवाह का प्रस्ताव रखा, परंतु राम ने उन्हें समझाया कि वे इस जीवन में एक पतिव्रता नारी सीता के पति हैं। राम ने देवी से यह भी कहा कि कलियुग में वे उन्हें पहचान लेंगे और उनका विवाह करेंगे। तब तक, वैष्णो देवी ने हिमालय के त्रिकुट पर्वत पर ध्यानस्थ होकर तपस्या की।

देवी की गुफा में प्रवेश और भवन निर्माण की कथा

समय बीतने के बाद, वैष्णो देवी को भैरवनाथ नामक एक तांत्रिक साधु ने परेशान किया। उन्होंने उसे कई बार समझाया, लेकिन वह नहीं माना। अंततः देवी ने अपनी गुफा में शरण ली। भैरवनाथ उनका पीछा करता रहा। देवी ने अपनी शक्ति से उसका अंत कर दिया।

वैष्णो देवी – लाभ

शक्ति पीठों का विशेष महत्व तब से है जब माता सती का अंग पृथ्वी पर विभिन्न स्थानों पर गिरा था। वैष्णो देवी शक्तिपीठ पर माता के कंठ का गिरना बताया जाता है। (कुछ विद्वानों के अनुसार यहां पर देवी का मस्तिष्क गिरा था) कंठ गिरने से यह स्थान अत्यंत पवित्र माना गया है और इसके दर्शन के विशेष लाभ बताए गए हैं:

  1. शारीरिक और मानसिक शांति मिलती है।
  2. जीवन में सकारात्मकता का संचार होता है।
  3. समस्त दुखों से मुक्ति मिलती है।
  4. आर्थिक समृद्धि प्राप्त होती है।
  5. कार्यों में सफलता मिलती है।
  6. घर-परिवार में सुख-शांति रहती है।
  7. स्वास्थ्य में सुधार होता है।
  8. मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं।
  9. शिक्षा में सफलता मिलती है।
  10. नौकरी-व्यवसाय में उन्नति होती है।
  11. संतान प्राप्ति का आशीर्वाद मिलता है।
  12. वैवाहिक जीवन में सुख मिलता है।
  13. आत्मविश्वास में वृद्धि होती है।
  14. भाग्य में सुधार होता है।
  15. भय और शत्रुओं से रक्षा होती है।
  16. मोक्ष की प्राप्ति होती है।
  17. आध्यात्मिक उन्नति होती है।

वैष्णो देवी की खासियत

वैष्णो देवी की सबसे खास बात यह है कि यह शक्तिपीठ त्रिकुट पर्वत पर स्थित है और यहाँ तक पहुँचने के लिए भक्तों को एक कठिन यात्रा करनी पड़ती है। इस यात्रा में भक्तों को देवी के प्रति अपनी असीम श्रद्धा का प्रमाण देना होता है। यात्रा के दौरान “जय माता दी” के जयकारों से वातावरण गूँज उठता है। देवी के दर्शन करना यहाँ के भक्तों के लिए एक अद्वितीय अनुभव होता है, जो उन्हें जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और उत्साह प्रदान करता है।

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पूजा सामग्री

वैष्णो देवी की पूजा में निम्नलिखित सामग्री का उपयोग होता है:

  • नारियल
  • चुनरी
  • फूल
  • कपूर
  • अगरबत्ती
  • दीपक
  • मिठाई
  • चंदन
  • कुमकुम
  • मौली

पूजा विधि मंत्र सहित

माता वैष्णो देवी की पूजा में निम्न मंत्रों का जाप अत्यंत फलदायी माना गया है:

मंत्र:
“ॐ ऐं ह्रीं क्लीं वैष्णव्यै नमः”
इस मंत्र का 108 बार जाप करें। माता को नारियल और चुनरी अर्पित करें। दीपक जलाकर माता की आरती करें और प्रसाद बांटें।

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वैष्णो देवी शक्तिपीठ के प्रश्न और उत्तर

प्रश्न 1: वैष्णो देवी किस पर्वत पर स्थित है?
उत्तर: वैष्णो देवी त्रिकुट पर्वत पर स्थित है।

प्रश्न 2: माता वैष्णो देवी के दर्शन के क्या लाभ हैं?
उत्तर: माता के दर्शन से मनोकामनाएँ पूरी होती हैं और दुखों से मुक्ति मिलती है।

प्रश्न 3: माता वैष्णो देवी के तीन स्वरूप कौन-कौन से हैं?
उत्तर: माता महाकाली, महालक्ष्मी और महासरस्वती के रूप में विराजमान हैं।

प्रश्न 4: वैष्णो देवी यात्रा कितनी कठिन है?
उत्तर: यात्रा कठिन है, लेकिन श्रद्धा और आस्था से पूरी होती है।

प्रश्न 5: वैष्णो देवी मंदिर की विशेषता क्या है?
उत्तर: मंदिर पर्वत की गुफा में स्थित है और इसका धार्मिक महत्व अत्यधिक है।

प्रश्न 6: वैष्णो देवी की पूजा में क्या सामग्री चाहिए?
उत्तर: नारियल, चुनरी, फूल, कपूर, दीपक, मिठाई आदि आवश्यक हैं।

प्रश्न 7: वैष्णो देवी की यात्रा में किन चीज़ों का ध्यान रखना चाहिए?
उत्तर: श्रद्धा, संयम और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखना चाहिए।

प्रश्न 8: क्या माता वैष्णो देवी शक्तिपीठ में विशेष पर्व होते हैं?
उत्तर: नवरात्रि का पर्व यहाँ विशेष रूप से मनाया जाता है।

प्रश्न 9: माता वैष्णो देवी को कौन-सा मंत्र प्रिय है?
उत्तर: “ॐ ऐं ह्रीं क्लीं वैष्णव्यै नमः” मंत्र माता को प्रिय है।

प्रश्न 10: माता वैष्णो देवी की कथा किससे संबंधित है?
उत्तर: माता की कथा राजा रत्नाकर और भगवान विष्णु से संबंधित है।

प्रश्न 11: वैष्णो देवी के दर्शन का सर्वोत्तम समय कौन-सा है?
उत्तर: नवरात्रि और अन्य प्रमुख हिंदू पर्वों का समय सर्वोत्तम माना जाता है।

प्रश्न 12: वैष्णो देवी यात्रा कैसे की जाती है?
उत्तर: यात्रा पैदल, घोड़े या पालकी के माध्यम से की जाती है।

इस प्रकार, वैष्णो देवी शक्तिपीठ में देवी की पूजा और दर्शन से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि प्राप्त होती है।

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