Vat purnima vrat for Family prosperity & Good fortune

वट पूर्णिमा व्रत

सौभाग्यवती का आशिर्वाद देने वाली वट पूर्णिमा व्रत हिंदू धर्म का एक महत्वपूर्ण त्योहार है जो मुख्य रूप से महिलाओं द्वारा मनाया जाता है। इस व्रत का आयोजन ज्येष्ठ मास की पूर्णिमा के दिन होता है। यह व्रत वट वृक्ष (बरगद का पेड़) की पूजा के रूप में किया जाता है और इसे अखंड सौभाग्य, दीर्घायु, और परिवार की समृद्धि के लिए किया जाता है।

वट पूर्णिमा व्रत की पूजा विधि:

  1. स्नान और पूजा की तैयारी: प्रातःकाल स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें। पूजा के लिए वट वृक्ष के पास जाएं या घर पर ही किसी बर्तन में वट वृक्ष की टहनी रखें।
  2. व्रत का संकल्प: व्रत का संकल्प लें और भगवान गणेश का ध्यान करें।
  3. वट वृक्ष की पूजा: वट वृक्ष की जड़ में जल, दूध, और पवित्र गंगा जल अर्पित करें। इसके बाद वृक्ष के चारों ओर धागा (कच्चा सूत) लपेटें और तीन या सात बार वृक्ष की परिक्रमा करें।
  4. पूजन सामग्री: पूजा के लिए धूप, दीप, नैवेद्य, रोली, मौली, सिंदूर, चावल, फल, मिठाई, और सुहाग की सामग्री (चूड़ी, बिंदी, मेहंदी आदि) का उपयोग करें।
  5. कथा सुनना या पढ़ना: व्रत की कथा सुनें या पढ़ें। यह कथा सावित्री और सत्यवान की कहानी पर आधारित होती है जिसमें सावित्री ने अपने पति सत्यवान को यमराज से वापस पाया था।
  6. आरती और प्रार्थना: पूजा के अंत में वट वृक्ष की आरती करें और भगवान से अपने परिवार की सुख-समृद्धि की प्रार्थना करें।

व्रत का महत्व:

  • पति की लंबी उम्र: वट पूर्णिमा व्रत करने से पति की दीर्घायु और अच्छे स्वास्थ्य की कामना की जाती है।
  • अखंड सौभाग्य: व्रत करने से महिलाओं को अखंड सौभाग्य प्राप्त होता है और उनके वैवाहिक जीवन में सुख-शांति बनी रहती है।
  • पारिवारिक समृद्धि: व्रत करने से परिवार में सुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है।
सावधानियां:
  • व्रत का पालन पूरी श्रद्धा और नियमों के साथ करना चाहिए।
  • पूजा के दौरान मन को शांत और एकाग्र रखें।
  • इस दिन व्रत रखने वाली महिलाओं को निराहार रहना चाहिए, केवल फलाहार किया जा सकता है।
  • मंत्रः “ॐ ऐं श्रीं क्रीं सर्व इच्छा पुर्तिं देही देही नमः” “OM AIM SHREEM SARVA ICHCHHA PURTIM DEHI DEHI NAMAHA”

वट पूर्णिमा व्रत का पालन करने से महिलाएं अपने पति और परिवार की दीर्घायु, सुख, और समृद्धि की कामना करती हैं और उन्हें आशीर्वाद प्राप्त होता है।