Mata Ekjata matra for strong protection

सबका कष्ट दूर करने वाली माता एकजटा मंत्र (Ekajata Mantra) का उपयोग सुरक्षा व सुख समृद्धि के लिये किया जाता है। देवी एकजटा दस महाविद्या में से एक महाविद्या माता तारा का स्वरूप मानी जाती है। इनकी पूजा से अनेक लाभ प्राप्त होते हैं। यह मंत्र विशेष रूप से शक्ति, सुरक्षा और समृद्धि के लिए जप किया जाता है।

एकजटा मंत्र का लाभ:

मंत्र “ॐ स्त्रीं एकजटे स्त्रीं नमः” “OM STREEM EKJATE STREEM NAMAHA”

लाभः

  1. शक्ति की प्राप्ति: इस मंत्र के जप से साधक को आत्मिक और भौतिक शक्ति प्राप्त होती है।
  2. सुरक्षा: यह मंत्र साधक को नकारात्मक शक्तियों और बुरी नजर से बचाता है।
  3. संकटों से मुक्ति: एकजटा देवी की कृपा से सभी प्रकार के संकटों से मुक्ति मिलती है।
  4. आध्यात्मिक उन्नति: इस मंत्र का नियमित जप साधक की आध्यात्मिक उन्नति में सहायक होता है।
  5. समृद्धि: देवी एकजटा की पूजा और मंत्र जप से आर्थिक समृद्धि और जीवन में खुशहाली आती है।

एकजटा मंत्र जप की विधि:

  1. शुभ मुहूर्त: मंत्र जप किसी भी मंगलवार से कर सकते हैं।
  2. स्वच्छता: मंत्र जप से पहले स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
  3. पूजा स्थल: देवी एकजटा का चित्र या मूर्ति पूजा स्थल पर स्थापित करें।
  4. पूजा सामग्री: धूप, दीप, फूल, चंदन, अक्षत (चावल), मिठाई आदि पूजा सामग्री तैयार रखें।
  5. आसन: किसी स्वच्छ आसन पर बैठें और पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके मंत्र जप करें।
  6. मंत्र जाप:
    • मंत्र का जाप रुद्राक्ष माला या स्फटिक माला से करें।
    • प्रतिदिन 108 बार मंत्र का जाप करें।
  7. नैवेद्य: देवी एकजटा को फल, फूल और मिठाई का नैवेद्य अर्पित करें।
  8. आरती: मंत्र जप के बाद देवी की आरती करें और धूप-दीप दिखाएं।

विशेष :

  • नियमित रूप से मंत्र का जाप करें और साधना में नियम का पालन करें।
  • मन को एकाग्र करके और पूर्ण श्रद्धा भाव से मंत्र का उच्चारण करें।
  • मंत्र जप के दौरान ध्यान रखें कि उच्चारण सही और स्पष्ट हो।

देवी एकजटा की कृपा से साधक को सभी प्रकार के कष्टों से मुक्ति, सुरक्षा, शक्ति और समृद्धि प्राप्त होती है।