Buy now

spot_img
spot_img

Mata Kaushalya Chalisa-Family Peace & Success

माता कौशल्या चालीसा का पाठ भक्तों को देवी कौशल्या की कृपा प्राप्त करने और अपने जीवन में सुख-शांति और समृद्धि बनाए रखने के लिए किया जाता है। माता कौशल्या त्रेतायुग में भगवान श्रीराम की माता थीं। वह अयोध्या के राजा दशरथ की प्रमुख रानी थीं। उनका चरित्र प्रेम, धैर्य, त्याग और सेवा का अद्वितीय उदाहरण है। माता कौशल्या की पूजा से विशेष रूप से मातृत्व, परिवार में सुख-शांति और जीवन में संतुलन की प्राप्ति होती है। भगवान राम के जन्म से लेकर उनके जीवन के प्रत्येक चरण में माता कौशल्या ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

संपूर्ण माता कौशल्या चालीसा

॥दोहा॥
जयति जय कौशल्या माता, राम जननी जगवन्दिता।
धीर-वीर की जननी, नमो नमः हे पावनता॥

॥चौपाई॥
जय हो माता कौशल्या, श्रीराम की जननी प्यारी।
तुम्हरी महिमा अपरम्पार, हे दीनदयाल जगत विचारी॥

अयोध्या में किया निवास, जन्मा तेरे आँगन राम।
तुम्हरी ममता की गाथा, गाते संत-जन श्रीधाम॥

तुमने धीरज से किया पालन, राम की लीला को समझा।
तुम हो जगत की महाशक्ति, तुम्हारा महिमा गाया अयोध्या॥

तुम हो धैर्य और सहनशीलता की मूरत, माता कौशल्या।
तुम्हारी ममता से रक्षित, सारे संसार की भव्यता॥

तुम्हारे चरणों में है सुख-शांति, संकट हरने वाली माई।
तेरे कृपा दृष्टि से होता, हर भक्त का कल्याण सच्चाई॥

तेरे नाम की महिमा है न्यारी, हर दुःख दूर करे मुरारी।
जो तेरी भक्ति करता है सच्ची, उसे कभी ना छूए बुराई॥

तुम्हारी महिमा गाते, भक्तजन सब मिलके।
कौशल्या माता की आराधना, सच्चे मन से करते॥

हे माता कृपावन्ती, हम पर भी कर कृपा।
तेरे चरणों की सेवा में, मिले हमें अनुपम सुखदा॥

तुम्हारे आशीर्वाद से, संकट सारे मिट जाए।
माता कौशल्या की महिमा, सारा जगत गाए॥

॥दोहा॥
जो कोई करे ध्यान तेरा, उसका जीवन संवर जाए।
माता कौशल्या की कृपा से, भवसागर से पार हो जाए॥

लाभ

  1. परिवार में सुख-शांति: इस चालीसा का पाठ परिवार में सुख-शांति और सद्भावना बनाए रखता है।
  2. धैर्य और सहनशीलता: माता कौशल्या के आशीर्वाद से धैर्य और सहनशीलता में वृद्धि होती है।
  3. मानसिक शांति: मानसिक तनाव और चिंता को दूर कर मन को शांति मिलती है।
  4. संकटों का नाश: जीवन में आने वाले संकटों और परेशानियों का नाश होता है।
  5. स्वास्थ्य में सुधार: चालीसा का नियमित पाठ करने से स्वास्थ्य में सुधार होता है।
  6. मातृत्व सुख: जिन स्त्रियों को संतान सुख की इच्छा होती है, उनके लिए यह चालीसा विशेष लाभकारी है।
  7. आध्यात्मिक उन्नति: साधक की आध्यात्मिक यात्रा में उन्नति होती है।
  8. धन-धान्य की प्राप्ति: माता कौशल्या की कृपा से धन और समृद्धि की प्राप्ति होती है।
  9. शत्रुओं से रक्षा: शत्रुओं के बुरे प्रभाव से रक्षा होती है।
  10. भय का नाश: इस चालीसा के पाठ से सभी प्रकार के भय का नाश होता है।
  11. सकारात्मक ऊर्जा: घर और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
  12. समृद्धि का वास: माता कौशल्या की कृपा से घर में समृद्धि का वास होता है।
  13. संतान की सुरक्षा: संतान के स्वास्थ्य और जीवन की सुरक्षा मिलती है।
  14. कर्म में सफलता: जीवन के सभी कार्यों में सफलता प्राप्त होती है।
  15. विवाह में सुख: वैवाहिक जीवन में सुख और शांति बनी रहती है।
  16. भौतिक सुख: जीवन में भौतिक सुख-शांति और समृद्धि मिलती है।
  17. मनोबल में वृद्धि: मनोबल और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है।
  18. सभी बाधाओं का नाश: जीवन की सभी बाधाओं का नाश होता है।
  19. ज्ञान की प्राप्ति: ज्ञान और विवेक में वृद्धि होती है।
  20. सिद्धियों की प्राप्ति: साधकों को साधना में सिद्धियों की प्राप्ति होती है।

माता कौशल्या चालीसा पाठ की विधि

दिन: माता कौशल्या चालीसा का पाठ किसी भी दिन किया जा सकता है, विशेष रूप से रविवार और मंगलवार को इसे करना शुभ माना जाता है।

अवधि: इस चालीसा का पाठ लगातार 21 या 41 दिनों तक करने से विशेष लाभ मिलता है।

मुहूर्त: ब्रह्म मुहूर्त (सुबह 4 से 6 बजे) में पाठ करना सर्वोत्तम माना गया है।

चालीसा पाठ के नियम

  1. स्वच्छता: पाठ से पहले स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
  2. आसन: एक स्थिर आसन पर बैठकर चालीसा का पाठ करें।
  3. ध्यान: पाठ के दौरान माता कौशल्या का ध्यान और उनके चित्र या प्रतिमा का पूजन करें।
  4. संयम: पाठ के दौरान संयम और श्रद्धा बनाए रखें।
  5. नियमितता: इस चालीसा का नियमित रूप से पाठ करना चाहिए।

Know more about kanakadhara lakshmi chalisa

पाठ में सावधानियाँ

  1. श्रद्धा और विश्वास: माता कौशल्या की पूजा करते समय श्रद्धा और विश्वास का होना आवश्यक है।
  2. आचरण: किसी भी प्रकार के दूषित विचारों या क्रोध को मन में न लाएं।
  3. स्थिरता: पाठ के दौरान मन को स्थिर रखें और ध्यान को भटकने न दें।
  4. पवित्रता: पाठ करते समय आसन और पूजा स्थान की पवित्रता बनाए रखें।
  5. व्रत: यदि संभव हो तो पाठ के दिन व्रत या उपवास रखें।

Mantra sadhana shop

माता कौशल्या चालीसा पृश्न उत्तर

माता कौशल्या चालीसा का पाठ कब करना चाहिए?
किसी भी दिन, विशेष रूप से रविवार और मंगलवार को करना उत्तम है।

माता कौशल्या चालीसा का पाठ क्यों करें?
परिवार में सुख-शांति, संतान की सुरक्षा और जीवन में सफलता के लिए।

माता कौशल्या चालीसा का पाठ कितनी बार करना चाहिए?
दिन में एक बार नियमित रूप से करना लाभकारी होता है।

क्या माता कौशल्या चालीसा का पाठ किसी विशेष समय पर करना चाहिए?
ब्रह्म मुहूर्त (सुबह 4 से 6 बजे) में करना उत्तम है।

माता कौशल्या चालीसा का पाठ कौन कर सकता है?
कोई भी व्यक्ति, जो श्रद्धा और विश्वास रखता है।

क्या माता कौशल्या चालीसा का पाठ किसी भी स्थिति में किया जा सकता है?
हाँ, स्वच्छता और ध्यान केंद्रित करना आवश्यक है।

क्या माता कौशल्या चालीसा का पाठ करने से स्वास्थ्य में सुधार होता है?
हाँ, मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य में सुधार होता है।

क्या माता कौशल्या चालीसा का पाठ बच्चों के लिए लाभकारी है?
हाँ, बच्चों के मानसिक और शारीरिक विकास के लिए।

माता कौशल्या चालीसा का पाठ कहाँ करना चाहिए?
एक शांत और स्वच्छ स्थान पर।

क्या माता कौशल्या चालीसा का पाठ समूह में किया जा सकता है?
हाँ, समूह में भी किया जा सकता है।

क्या माता कौशल्या चालीसा का पाठ करने से धन प्राप्ति होती है?
हाँ, धन और समृद्धि में वृद्धि होती है।

क्या माता कौशल्या चालीसा का पाठ करने से परिवार में सुख-शांति रहती है?
हाँ, पारिवारिक सुख और शांति प्राप्त होती है।

क्या माता कौशल्या चालीसा का पाठ किसी विशेष भाषा में करना चाहिए?
मूल हिंदी भाषा में पाठ करना उत्तम है।

माता कौशल्या चालीसा का पाठ करने के बाद क्या करना चाहिए?
माता कौशल्या का ध्यान करें और प्रसाद चढ़ाएं।

BOOK HOLIKA PUJAN ON 13 MARCH 2025 (ONLINE/ OFFLINE)

Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
Choose Pujan Option
spot_img
spot_img

Related Articles

65,000FansLike
500FollowersFollow
782,534SubscribersSubscribe
spot_img
spot_img

Latest Articles

spot_img
spot_img
Select your currency