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रुरु भैरव / Ruru Bhairava Mantra

संकट नाशक रुरु भैरव, जिन्हें रुरुक भैरव भी कहा जाता है, भगवान शिव के एक प्रमुख अवतार हैं जो क्रोध और भय के प्रतीक के रूप में पूजे जाते हैं। रुरु भैरव की पूजा से सभी प्रकार के भय और संकटों से मुक्ति, और सफलता प्राप्ति होती है।

रुरु भैरव मंत्र:

  • || ॐ भ्रं रुरु भैरवाय नमः ||
  • मुहुर्थः अष्टमी, शनिवार, ग्रहण, अमावस्या, भैरव जयंती, शिवरात्रि.

रुरु भैरव लाभ:

  • संक्रांति के शुभ फल का प्राप्ति।
  • भय और संकटों से मुक्ति।
  • साहस और उत्साह की वृद्धि।
  • सफलता और जीवन में प्रगति।
  • नकारात्मकता और असुरक्षा के खिलाफ सुरक्षा।
  • भगवान शिव की कृपा और आशीर्वाद की प्राप्ति।

रुरु भैरव की पूजा का उत्तम समय रविवार के दिन और शिवरात्रि पर भी रुरु भैरव की पूजा की जा सकती है।

About Ruru Bhairava Mantra:

Ruru Bhairava, also known as Ruru Bhairav, is a prominent form of Lord Shiva, revered as a symbol of wrath and terror. He is worshipped to seek protection from all forms of fear and troubles, and to attain success.

|| Om bhram Ruru Bhairavaya Namah ||

  1. Protection
  2. Courage
  3. Success
  4. Removal of Obstacles
  5. Freedom from Fears
  6. Destruction of Negativity
  7. Protection from Diseases

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