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Panchamukhi ganesha mantra

पंचमुखी गणेश भगवान गणेश का एक प्रचंड शक्तिशाली स्वरूप है. ये हर तरह के कार्य मे आने वाले विघ्न का नाश करते है. जिसमें पांच मुख होते हैं। प्रत्येक मुख एक अलग अलग दिशा में होता है और अलग अलग शक्ति को प्रतिनिधित्व करता है। भगवान पंचमुखी गणेश को अक्सर पंचमुख विनायक या पंचवक्त्र भी कहा जाता है।

भगवान श्रीं पंचमुखी गणेश के मुख और उनके अर्थ:

  • वाम मुख: यह मुख वक्रतुंड कहलाता है और यह बुद्धि का प्रतीक है।
  • दक्षिण मुख: यह मुख एकदंत कहलाता है और यह संपन्नता का प्रतीक है।
  • पूर्व मुख: यह मुख तत्पुरुष कहलाता है और यह ज्ञान का प्रतीक है।
  • पश्चिम मुख: यह मुख घोर कहलाता है और यह शक्ति का प्रतीक है।
  • ऊर्ध्व मुख: यह मुख सर्वशक्ति कहलाता है और यह आध्यात्मिकता का प्रतीक है।

श्री पंचमुखी गणेश के पूजा के लाभ:

  • पंचमुखी गणेश को बुद्धि, ज्ञान, संपन्नता, शक्ति और आध्यात्मिकता का देवता माना जाता है।
  • पंचमुखी गणेश की पूजा करने से भक्तों को जीवन में सभी प्रकार की बाधाओं से मुक्ति मिलती है।
  • पंचमुखी गणेश की पूजा करने से भक्तों को ज्ञान, बुद्धि और विवेक प्राप्त होता है।
  • पंचमुखी गणेश की पूजा करने से भक्तों को धन, समृद्धि और सफलता प्राप्त होती है।
  • पंचमुखी गणेश की पूजा करने से भक्तों को नकारात्मक शक्तियों से सुरक्षा प्राप्त होती है।
  • पंचमुखी गणेश मंत्रः ॥ॐ गं ग्लौं पंचमुखे गणपते क्लीं नमः॥
  • मुहुर्थः बुधवार, चतुर्थी

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